दुनिया की 5 शातिर खुफिया एजेंसियों का ऑपरेशन 5 EYES शुरू अब कैसे बचेगा चीन अब होगा चीन का पर्दाफाश खुलेगी कोरोना की परत

दुनिया की 5 शातिर खुफिया एजेंसियों का नेटवर्क कोरोना के राज खोलने के लिए ऑपरेशन 5-EYES शुरू कर चुकी हैं। अब चीन कोरोना के राज कैसे छिपा पाएगा।

Operation 5 EYES

दुनिया के 5 देशों की खुफिया एजेंसियों ने कोरोना के राज खोलने और चीन की करतूतों को दुनिया के सामने लाने के लिए साथ मिलकर ऑपरेशन 5-EYES शुरू कर चुकी हैं। इन एजेंसियों  ने एक साथ मिलकर चीन के झूठ का पर्दाफाश करने के लिए बड़ा  ऑपरेशन  शुरू की हैं।

दुनिया की इन पाँच खुफिया एजेंसियों का नाम नीचे दिया गया है :

  1. CIA : अमेरिका की इंटेलिजेंस सर्विस
  2. ASIS : ऑस्ट्रेलिया सीक्रेट इंटेलिजेंस सर्विस
  3. MI-6 : इंग्लैंड की इंटेलिजेंस सर्विस
  4. CSIC : कनाडा की इंटेलिजेंस सर्विस
  5. NZSIS : न्यूज़ीलैंड की खुफिया एजेंसी

Operation 5 EYES

ऑपरेशन 5-EYES का उद्देश्य ना सिर्फ़ कोरोना के सच का पता लगाना है बल्कि चीन के झूठ को बेनक़ाब करना भी है। ऐसा पहली बार है की इन पाँच देशों की खुफिया एजेंसियों ने साथ आकर किसी ऑपरेशन में काम कर रही हों। इन एजेंसियों ने दुनिया के सबसे बड़े ऑपरेशन का नाम 'ऑपरेशन 5-EYES' रखा है।

अब इन पाँच एजेंसियों कुछ उद्देश्य कोरोना के बारे में सच का पता लगाना है, की आख़िर कोरोना वायरस पुरी दुनिया में कैसे फैला? क्या यह कोई मानवीय ग़लती थी या फिर चीन की सोची समझी चाल। कोरोना कहाँ से और कैसे आया इस सवाल का जवाब शायद ये एजेंसियाँ जल्द दे पाएँगी।

यहाँ पर सवाल ये भी है की जब ये दुनिया की सबसे शातिर खुफिया एजेंसियों का बहुत बड़ा ऑपरेशन है तो इसकी जानकारी कैसे लीक हो गई? इसके बारे में तो अभी जानकारी नही है लेकिन इतना ज़रूर है की इस ऑपरेशन की जानकारी जैसे ही चीन को मिली तो वह इस ऑपरेशन में जुड़ी खुफिया एजेंसियों और उनके देशों को धमकी देना चालू कर चुका है।

5-EYES आख़िर है क्या?

5-EYES एक ऐसा नेटवर्क है जिसमें दुनिया की 5 ख़ुफ़िया एजेंसियाँ  (न्यूज़ीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका,  कनाडा और इंग्लैंड की ख़ुफ़िया एजेंसियाँ) साथ मिलकर काम कर रही हैं।

5 ख़ुफ़िया एजेंसियों के इसी नेटवर्क ने कोरोना वायरस के बारे में 15 पेज का डाक्यूमेंट तैयार की हैं, जिसमें चीन के बेनाकाब करने के लिए कई तरह की जानकारी मौजूद है।

5-EYES नेटवर्क  के इस डाक्यूमेंट के लीक होने पर दुनिया को इसके बारे में पता चला, यह डाक्यूमेंट ऑस्ट्रेलिया के द डेली टेलीग्राफ अखबार के द्वारा लीक किया गया। तो आइए हम आपको बताते हैं की इस डाक्यूमेंट  में ऐसा क्या है की चीन को मिर्ची लग गई और वो इस ऑपरेशन से जुड़े देशों को धमकी देना चालू कर दिया।

इस इस डाक्यूमेंट में कई ख़ुलासे किए गए हैं उनके बारे में जानकारी नीचे दी गई है।

1. चमगादड़ पर की जाने वाली खतरनाक रिसर्च :

चीन के वुहान लैब में काम कारने वाले वॉयरोलॉजिस्ट डॉ ज़ेंग्ली शी के पास कम से कम ५० तरह के वायरस के सैंपल हैं। इनमे से एक ऐसा भी है जिसका जेनेटिक मैच कोरोना के साथ 96% हो रहा है। डॉक्युमेंट में बताया गया है कि हो सकता है यह कोरोना का ही सैम्पल हो।

2. वुहान लैब में अभी में वायरस पर काम चालू है :

इस डॉक्युमेंट लीक से पता चलता है की चीन के वुहान लैब में अभी भी कोरोना जैसे ख़तरनाक वायरस को बनाने और इनसे छेड़छाड़ करने की प्रक्रिया चल रही है। इस डॉक्युमेंट से पता चलता है की चीन की इस लैब में ना सिर्फ़ वायरस बनाया जाता है बल्कि याहन पर कई स्तरों में उसका जेनेटिक मॉडिफ़िकेशन करके ख़तरनाक रूप में बदल दिया जाता है। इस रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि 2019 में डॉ ज़ेंग्ली शी ने चीन की सरकार को चेतावनी दी थी की अगर सार्स जैसा कोई वायरस फैल जाता है तो उसे रोक पाना नामुमकिन होगा। इसके बाद भी चीन सरकार इस लैब में ऐसे वायरस के साथ छेड़छाड़ करवाती रही।

3. कोरोना के शुरू के सैम्पल को चीन ने दुनिया से छिपाया था:

चीन जैसा घटिया और गद्दार देश सिर्फ़ अपने विस्तार और फ़ायदे के लिए काम करता है। इसीलिए उसने कोरोना पर की गई रिसर्च को दुनिया से छिपाया था, वुहान लैब में ऑस्ट्रेलिया की भी पार्ट्नरशिप होने के बाद भी चीन ने ऐसा खेल खेल था। इसके साथ कुछ ख़ुफ़िया रिपोर्ट का कहना है की कई साल पहले चीन ने भारत के नॉर्थ ईस्ट में चमगादड़ों पर ऐसी सीक्रेट रिसर्च को अंजाम दिया था यह कह कर की यह एक एजुकेशनल  रिसर्च  है। और चीन के इस काम की जानकारी भारत सरकार को नही मिल पाई थी।
इसके साथ ही चीन में जब कोरोना फैला तो उस समय चीन के जो डॉक्टर दुनिया को इसके बारे में बताने की कोशिश किए उनको धमकी दी गई या ग़ायब करव दिया गया। कुछ की तो मौत के घाट उतार दिया गया।
इसके साथ ही चीन से जब दुनिया कोरोना वायरस के ज़िंदा सैम्पल माँगे तो चीन ने उन्हें ये देने से मना कर दिया था।

4. पहले पेशेंट को ग़ायब कर दिया :

चीन में कोरोना से संक्रमित होनी वाली पहली पेशेंट का नाम वांग यान लिंग था। वह उसी वुहान लैब में एक इंटर्न के रूप में काम करती थी जहाँ से यह वायरस पूरी दुनिया में फैला। वांग यान लिंग को कोरोना का पेशेंट  ज़ीरो भी कहा जाता है। चीन ने ना सिर्फ़ वांग यान लिंग  को ग़ायब करवा दिया बल्कि वुहान लैब में उससे जुड़े सारे डॉक्युमेंट्स को भी पूरी तरह ख़त्म करवा दिया, ताकि आगे चल कर चीन वांग यान लिंग के अस्तित्व को ही नकार सके और इसे कोरी कल्पना क़रार दे सके। चीन इससे भी एक क़दम आगे बढ़ा और उसने शुरू से ही वांग यान लिंग को पेशेंट ज़ीरो मानने से इंकार करता रहा है। साथ ही चीन का कहना है की ऐसी कोई  इंटर्न  वुहान लैब में काम नही करती थी। वांग यान लिंग अब ज़िंदा बची हैं या चीन ने उन्हें मार दिया इसके बारे में अभी तक किसी को कुछ नही पता।

लीक हुए इस डॉक्युमेंट के अनुसार कोरोना का प्रकोप चीन के वुहान लैब से ही पूरी दुनिया में फैला है और चीन इसके बारे में जानकारी छिपाने की हर कोशिश कर कर रहा है। कोरोना के बारे में दुनिया से जानकारी छिपाने के लिए चीन ने इंटरनेट और चीन की सोशल मीडिया से कोरोना से जुड़े सभी आर्टिकल हटवा दिया।

इस डॉक्युमेंट के लीक होते ही चीन अपने हरामीपन पर उतर आया और इस ख़ुफ़िया ऑपरेशन से जुड़े देशों को धमकी देना चालू कर दिया। चीन ने धमकी दी है की उसे ना उकसाया जाए नही तो अंजाम बुरा होगा, लेकिन एक बार समझ में नही आती चीन बंदर की तरह इतना उछल रहा है, लेकिन क्या वो इन सभी देशों का एक साथ मुक़ाबला कर पाएगा। इनसे उलझ कर चीन के साथ कहीं ऐसा ना हो की कुछ समय में ही दुनिया उसे उत्तर कोरिया की तरह अलग थलग कर दे।

चीन ने सबसे पहले ऑस्ट्रेलिया को धमकी दी की चीन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐसे कम करेगा, ऐसा जाल बिछा देगा की ऑस्ट्रेलिया की एजूकेशन और  टुरिज्म इंडस्ट्री ख़त्म हो जाएगी। चीन ऐसी धमकी इसलिए दे रहा है क्योंकि हर साल चीन से बहुत से स्टूडेंट्स और टुरिस्ट  ऑस्ट्रेलिया  जाते हैं। चीन ऑस्ट्रेलिया से होने वाले आयात को भी कम करने की धमकी दे रहा है।

चीन की इतनी धमकी के बाद भी ऑस्ट्रेलिया पीछे हटने को राज़ी नही है और वह ऑपरेशन 5-EYES को आगे बढ़ा रहा है।

कुछ समय बाद पता चलेगा की चीन और कोरोना का सच क्या है? लेकिन तब तक चीन की धमकियाँ जारी रहेंगी, इनसे किसी भी देश को डरने की जरूरत है। क्यूँकि इंडिया में एक कहावत है - "गरजने वाले बादल बरसते नही"।

Topics : Coronavirus outbreak, Infectious diseases, China, operation 5 eyes

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