Corona curfew extended in Madhya Pradesh

मध्य प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) डॉ राजेश राजोरा ने बताया कि राज्य की राजधानी भोपाल में कोरोना वायरस की वजह से लगाया गया कर्फ्यू 24 मई को सुबह छह बजे तक बढ़ा दिया गया है, जबकि औद्योगिक हब इंदौर में यह 29 मई की रात तक लागू रहेगा.

मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी 52 जिलों में अलग-अलग अवधि के लिए ‘कोरोना कर्फ्यू’ बढ़ा दिया है, एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को कहा।

Corona curfew extended in Madhya Pradesh
Corona curfew extended in Madhya Pradesh

अपर मुख्य सचिव (गृह) डॉ राजेश राजोरा ने बताया कि राज्य की राजधानी भोपाल में कोरोना वायरस की वजह से लगाया गया कर्फ्यू 24 मई को सुबह छह बजे तक बढ़ा दिया गया है, जबकि औद्योगिक हब इंदौर में यह 29 मई की रात तक लागू रहेगा।

विभिन्न जिला क्राइसिस प्रबंधन समितियों (district crisis management committees) की बैठक के बाद 19 जिलों – उज्जैन, ग्वालियर, शिवपुरी, सागर, मुरैना, नीमच, शहडोल, उमरिया, देवास, आगर-मालवा, रायसेन, भिंड, बालाघाट, श्योपुर, सिवनी, सीहोर, विदिशा, मंडला और दमोह में 31 मई को सुबह 6 बजे तक कोरोना कर्फ्यू बढ़ाने का निर्णय लिया गया।

इसके अलावा, 25 अन्य जिलों – भोपाल, जबलपुर, रीवा, छिंदवाड़ा, होशंगाबाद, सिंगरौली, सतना, सीधी, अशोकनगर, धार, मंदसौर, राजगढ़, टीकमगढ़, पन्ना, खरगोन, गुना, बड़वानी, शाजापुर, निवाड़ी, खंडवा, छतरपुर, झाबुआ, कटनी, हरदा और दतिया में 24 मई को सुबह 6 बजे तक प्रतिबंध बढ़ा दिया गया है।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि अलीराजपुर, नरसिंहपुर, बैतूल, अनूपपुर और रतलाम में 25 मई को सुबह छह बजे तक, बुरहानपुर में 20 मई को सुबह छह बजे तक और डिंडोरी में 27 मई को सुबह सात बजे तक कोरोना कर्फ्यू लागू रहेगा.

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को मध्य प्रदेश में 5,921 कोविड-19 के नए मामले आए और 77 मौतें हुईं, जिससे राज्य में संक्रमण की संख्या 7,37,306 हो गई और मरने वालों की संख्या 7,069 हो गई।

लगभग पांच सप्ताह के अंतराल के बाद पहली बार सोमवार को राज्य में ताजा कोरोना वायरस मामलों की संख्या 6,000 से नीचे पहुँची है। हालाँकि यह सिर्फ़ सरकारी की नाकामी की वजह से हो रहा है, क्योंकि राज्य में एंटीजन टेस्ट कुल टेस्ट के 60% हो रहे हैं और RT-PCR टेस्ट केवल 40% हो रहे हैं. आपको बता दें की एंटीजन टेस्ट में कोरोना पकड़ में नही आता है.

मैं यहाँ अपने परिवार के उदाहरण से समझाता हूँ – मेरे पूरे परिवार को कोरोना हुआ था, लेकिन जब कोविड टेस्ट करवाया गया तो एंटीजन टेस्ट की वजह से सिर्फ़ मेरी रिपोर्ट पॉज़िटिव आई, बाक़ी सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई थी. उसके बाद जब पूरे परिवार की तबियत बहुत ख़राब हो गई, तो Private हॉस्पिटल में इलाज कराया गया तो कोरोना था. इसलिए सरकार अगर आज भी RT-PCR टेस्ट करवाए तो राज्य में संक्रमण की दर 30% के आस पास हो सकती है. गाँवों का तो और भी बुरा हाल है.