DBT DataHub UPDBT News : उत्तरप्रदेश सरकार राज्य के सभी डीबीटी योजना लाभार्थियों के लिए एकीकृत पोर्टल बनाने के साथ डीबीटी डेटा हब बनाने जा रही है। UP के DBT DataHub और एकीकृत पोर्टल बनने के बाद लाभार्थियों को लेकर हो रही हेराफेरी को पकड़ा जा सकेगा।

DBT DataHub UP – DBT News

DBT DataHub बनने के बाद सभी लाभार्थियों को उनका एक यूनीक आईडी नंबर दिया जाएगा, ताकि उनकी पहचान की जा सके। अभी यूपी सरकार के 26 विभागों की 123 योजनाएं डीबीटी के द्वारा लाभार्थियों को सीधे उनके बैंक अकाउंट में सब्सिडी या सहायता राशि देती है। इनमें छात्रवृत्ति और पेंशन जैसी सभी योजनाएँ आती हैं।

DBT DataHub UP - DBT News
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यूपी सरकार DBT Scheme में हो रही गड़बडी और हेराफेरी को रोकने के लिए अब एक एकीकृत पोर्टल और Data Hub बनाकर काम करना चाहती है, ताकि सभी लाभार्थियों की पहचान आसान हो सके। और हर तरह की धोखा-धड़ी को रोका जा सके।

UP DBT DataHub को 5 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जाएगा

DBT DataHub UP योजना को अभी पायलट प्रोजेक्ट के रूप में राज्य के 5 जिलों में शुरू किया जा रहा है, इनमें ‘सोनभद्र, चित्रकूट, गोरखपुर, मुरादाबाद और श्रावस्ती’ जिले शामिल हैं।

अगर सरकार की यह योजना सफल हो जाती है, तो इसके बाद DBT DataHub UP Plan को राज्य के बाक़ी सभी जिलों में लागू कर दिया जाएगा।

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UP DBT योजना में शामिल राज्य की योजनाएँ

उत्तर प्रदेश सरकार के 26 विभागों के अंतर्गत चालू की गई 123 योजनाएं डीबीटी के अंतर्गत आ चुकी हैं। इन योजनाओं में विधवा पेंशन, उज्ज्वला, जनधन योजना, छात्रवृत्ति, खाद्य सुरक्षा योजना, फीस, किसानों को दी जाने वाली मदद, कन्या सुमंगला योजना जैसी सभी योजनाएँ आती हैं। इन योजनाओं के लिए दी जाने वाली सरकारी सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में दी जाती है।

कैसे हो रही है धोखाधड़ी

हम कई बार न्यूज़ में सुनते हैं की अयोग्य परिवार और व्यक्ति भी सरकारी योजनाओं में अपने डॉक्युमेंट में हरफेर करके सरकारी सहायता राशि प्राप्त कर रहे हैं। ऐसा ही DBT योजना में भी हो रहा है। कई लोग ऐसे हैं, जो दो-तीन बार अपना नाम जुड़वा कर डीबीटी से लाभ लेते हैं।

कई लोग ऐसे होते हैं, जो कई बार इसमें रजिस्ट्रेशन करवा लेते हैं। कैसे ऐसे भी हैं, जो किसी एक राज्य की DBT योजना में पंजीकरण करवाने के बाद किसी दूसरे राज्य चले जाते हैं और वहाँ भी अपना पंजीकरण करवा लेते हैं। ऐसा भी कई बार हुआ है कि किसी ग़लती की वजह से 1 ही व्यक्ति या परिवार का नाम 2-3 जगह पर जुड़ जाता है।

यूपी का यूनिफाइड पोर्टल बन जाने के बाद ऐसी सभी गड़बड़ी और धोखाधड़ी पर रोक लग जाएगी, क्योंकि हर एक लाभार्थी को यूनीक आईडी नंबर दिया जाएगा, ऐसा होने के बाद कोई भी दोबारा पंजीकरण नही करवा सकेगा। यूनीक आईडी नंबर के द्वारा ही सभी के बैंक अकाउंट में पैसे दिए जाएँगे। इससे गड़बड़ी पर रोक लगेगी।

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यूपी सरकार के नियोजन विभाग ने DBT Data Hub और यूनिफाइड पोर्टल बनाने की ज़िम्मेदारी श्रीटान इण्डिया लिमिटेड को दी है। आपको बता दें कि यह वही कंपनी है, जिसे UIDAI ने आधार कार्ड में वैरीफिकेशन और संशोधन जैसे अधिकार दिए हैं यानी UIDAI भी इस कंपनी सी सेवा लेता है।

यूपी के DBT यूनिफाइड पोर्टल और डेटाहब बनाने के लिए कंपनी की तरफ़ से एक नया डाटाबेस नहीं तैयार किया जाएगा बल्कि पहले से मौजूद सभी विभागों का ब्यौरा इकट्ठा करके उसे एक जगह लाया जाएगा। इसके बाद सब कुछ एक जगह आने पर इसकी गड़बड़ियों को भी ठीक किया जा सकता है।