Satna News : सतना ज़िला अस्पताल का 35 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनेगा पोस्ट कोविड वार्ड ॰ सतना समाचार

Satna News (सतना समाचार) : सतना जिले के सबसे बेड सरकारी हॉस्पिटल के 35 बेड के आइसोलेशन वार्ड को अब पोस्ट कोविड वार्ड बनाया जाएगा। बनने वाले नए वार्ड में कोविड-19 संक्रमण के बाद भी बीमार होने वाले मरीज़ों को भर्ती करके इलाज किया जाएगा।

अभी तक पोस्ट कोविड मरीज़ों को कोरोना वार्ड में ही भर्ती किया जाता है। जहाँ पर कोरोना पॉज़िटिव के साथ सस्पेक्टेड मरीज़ों को भी भर्ती किया जाता है, इससे जिन लोगों को कोरोना नही होता, उनके लिए ख़तरा बढ़ जाता है।

Satna News - Satna District Hospital Isolation ward will become post Covid Ward
Satna News – Satna District Hospital Isolation ward will become post Covid Ward

सिविल सर्जन डॉक्टर रेखा त्रिपाठी ने बताया की पोस्ट कोविड के लक्षण संक्रमण मुक्त होने के एक से दो माह के भीतर सामने आते हैं। अगर किसी को पोस्ट कोविड लक्षण दिखाई दे तो उसे तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए। इन लक्षणों में थकान, साँस लेने में कठिनाई, छाती में दर्द, मानसिक भ्रम, अवसाद, जोड़ों में दर्द जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं।

रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी वाले मरीज़ों में ब्लांक फ़ंगस के भी लक्षण सामने आ रहे हैं। कोरोना संक्रमण के बाद स्वस्थ्य हटे ऐसे रोगियों के लिए पोस्ट कोविड वार्ड की स्थापना और संचालन के निर्देश जारी किए गए हैं।

20 से ज़्यादा पोस्ट कोविड पीड़ित हॉस्पिटल में भर्ती

अभी ज़िला हॉस्पिटल सतना में पोस्ट कोविड के 20 से ज़्यादा मरीज़ कोरोना वार्ड में भर्ती हैं। अब ऐसे सभी रोगियों को पोस्ट कोविड वार्ड में शिफ़्ट किया जाएगा। जिससे पोस्ट कोविड पीड़ितों की अलग से मॉनिटरिंग की जा सके। नई व्यवस्था से पीड़ित को लाभ मिलेगा।

पोस्ट कोविड मरीज़ों के अप-रेफ़रल संबंधी निर्देश

  • नोडल चिकित्सक से फ़ोन पर रोगी की स्थिति, जाँच दी गई उपचार संबंधी सभी जानकारी दी जाए।
  • अप रेफ़रल के लिए बेसिक लाइफ़ सपोर्ट एम्बुलेंस का उपयोग किया जाए।
  • BLS एम्बुलेंस के व्यस्त होने पर दूसरे किसी वाहन का उपयोग किया जाए, जिसमें ऑक्सिजन सिलेंडर हो।
  • एम्बुलेंस में भरा हुआ ऑक्सिजन सिलेंडर, पल्स आक्सीमीटर उपलब्ध हो।

लक्षण आधारित उपचार

  • लक्षण के आधार पर बुखार, सर्दी-खाँसी का उपचार।
  • दीर्घकालिक रोग के पहले से ली जा रही दवाइयों के नियमित सेवन का परामर्श देना।
  • मास्क का उपयोग, हाथों की सफ़ाई, श्वसन शिष्टाचार, शारीरिक दूरी के व्यवहार का पालन।
  • आयुष चिकित्सा अधिकारियों के परामर्श पर आयुष दवा का सेवन।
  • ब्लैक फ़ंगस के लक्षण पर रोगी का अंतरण नेत्र, संभागीय मेडिकल कॉलेज के ENT वार्ड में विशेषज्ञों द्वारा उपचार सुनिश्चित करवाना।

ये लक्षण दिखे तो पोस्ट कोविड वार्ड में होंगे भर्ती

  • संक्रमण मुक्त होने के बाद अत्यधिक थकान या सुस्ती।
  • साँस लेने में तकलीफ़ होना।
  • घबराहट के लक्षण।
  • पोस्ट कोविड तनाव, अवसाद युक्त व्यक्ति।

प्रति 8 घंटे के अंतराल में करनी होगी ये जाँच पोस्ट कोविड वार्ड में दाख़िल मरीज़ के प्रति 8 घंटे में टेंपरेचर, ब्लड प्रेशर, रेसप्रेटरी रेट, पल्स आक्सीमीटर करना होगा।

पोस्ट कोविड के रेफ़रल हेतु रेड फ़्लैग लक्षण

  • साँस की कठिनाई में वृध्दि।
  • ऑक्सिजन देने पर भी SPO2 90 प्रतिशत होना।
  • स्पष्ट कारण छाती में दर्द।
  • मानसिक भ्रम की स्थिति जो पहले कभी ना रही हो।
  • नाक, आँख, मुख के आसपास दर्द, सूजन, काला रिसाव।