Satna News – उपभोक्ताओं को लगने वाला है महँगी बिजली का करंट, बढ़ने वाला है बिजली बिल – सतना समाचार

Satna News (सतना समाचार) – बिजली की दरें तो पहले से ही महंगी है और बीच में इस महंगाई में कुछ राहत एमपी की कांग्रेस सरकार ने इंदिरा गृह ज्योति योजना में दिया था। योजना के तहत सभी घरेलू सिंगल फेस उपभोक्ताओं को एक रुपया यूनिट में बिजली बिल दिया गया और ये टैरिफ आज भी लागू है।

Satna News - electricity bill is going to increase
Satna News – electricity bill is going to increase

अब एक बार फिर खबरों की माने तो उपभोक्ताओं को महंगी बिजली का करंट लग सकता है।अप्रैल में नया टैरिफ आने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। यदि नया टैरिफ लागू होता है, तो बिजली महंगी हो सकती है। बदलाव सिर्फ घरेलू टैरिफ में किया जाना है, हालांकि इसमें नियामक आयोग को फैसला लेना है। फिलहाल तो पुराने टैरिफ पर ही बिलिंग हो रही है।

अगले बिलों में हो सकता है टैरिफ लागू

खबरें आ रही हैं कि बिजली की नई दरें अप्रैल से लागू होंगी पर अब तक तो ऐसे कोई नए आदेश सतना सर्किल में नहीं आए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सतना सर्किल में अगले
बिलों में नया टैरिफ लागू हो सकता है लेकिन ये तभी संभव है जब नियामक आयोग का नतीजा सामने आएगा।

सूत्रों की माने तो वितरण कंपनियों ने आयोग के सामने दरें बढ़ाने का प्रस्ताव दिवा है और बिजली की दरों को बढ़ाने की मांग पर मप्र विद्युत नियामक आयोग विचार कर रहा है। इसमें जन सुनवाई और आपत्तियां आ चुकी हैं। बताया जा रहा है कि कंपनी कई करोड़ो का घाटा कम करने के लिए घरेलू दरों मे वृद्धि करने का प्रस्ताव आयोग को दिया है।

घरेलू दरों में 8 फीसद की बढ़ोत्तरी संभव

पूर्व क्षेत्र विद्युत कंपनी के जानकार बताते हैं कि कंपनियों ने तकरीबन 2500 करोड़ ₹ का राजस्व बढ़ाने के लिहाज से घरेलू बिजली की दरें बढ़ाने के लिए प्रस्ताव दिया है। जिसमें मांग हैं कि तकरीबन 8 फीसदी दर घरेलू बिलों में बढ़ाए जाएं। हालांकि हर अप्रैल माह में नया टैरिफ लागू होता है, जो इस बार नहीं किया गया है।

इसके पीछे कई तरह के तर्क दिए जा रहे हैं। गलियारे में चर्चा तो ये है कि असम-बंगाल चुनाव के बाद बिजली की दरों में इजाफा होगा तो एक चर्चा ये भी है कि कभी-कभी आयोग देरी से अपना फैसला देता है। एक अप्रैल से अमूमन बिजली की नई दरों को लागू किया जाता है। कई बार आयोग निर्णय देरी से करता है जिस वजह से नई दरें भी उसी के बाद से लागू होती है।

आपत्तियों में ऐसे भी तर्क

सूत्रों की माने तो नियामक के सामने बिजली दरें बढ़ाने के प्रस्ताव के बाद आईं दावा आपत्तियों में ऐसे भी तर्क दिए गए हैं जिसमें कुछ खर्च कम करके भी राजस्व का आंकड़ा बढ़ाया जा सकता है। इसमें तर्क है कि बिजली कंपनी खरीदी के ऐसे करार कर रखे हैं, जो उतने उपयोगी नहीं है बावजूद उनमें हजारों करोड़ का निवेश जाता है जो जरूरी नहीं है।

वहीं एक आपत्ति ऐसी है कि जो डिफाल्टर उपभोक्ता है उनकी भरपाई इमानदार उपभोक्ताओं से करना सही नहीं है। कंपनी के पास तरह-तरह के अधिकार हैं और उनको उपयोग कर राजस्व वसूले के लिए जो लगातार बिल भुगतान करते हैं उनके ऊपर बोझ डालना गलत है।

टैक्स अदा करने वालों को नहीं है छूट

नियामक आयोग का फैसला कब आएगा और कब बिजली की नई दरें सामने आएगी, यह तो आयोग के नतीजे के बाद ही आएगा पर हाल ही में सरकार ने अपने स्तर पर बिजली बहुत महंगी कर दी है। सरकार का फरमान है कि जो उपभोक्ता आयकर दाता है, उसे इंदिरा गृह ज्योति योजना के तहत 1 रुपया यूनिट की दर वाली बिजली नहीं मिलेगी।

सतना में भी ऐसे उपभोक्ताओं की सूची तैयार की जा रही है जो आयकर अदा करते हैं। उनको सामान्य दरों पर जो 150 यूनिट के बाद का टैरिफ है उसी रेट पर घरेलू बिजली दी जाएगी. कुल मिलाकर 8 फीसदी दरें बढी तो टैक्स देने वालों को बिजली और महंगी होगी। फिलहाल तो आयोग के फैसले का इंतजार है।

एसई सतना (केके सोनवाने) का बयान

बिजली की दरें बढ़ाना निवामक आयोग का काम है। हम उस आदेश का पालन करते हैं। अब तक कोई आदेश नहीं आया है। आयकर दाताओं को बिजली बिलों में सब्सिडी समाप्त की जाएगी। टैक्स पेई उपभोक्ताओं की लिस्ट बन रही है।

Web Title : Satna News – Consumers are going to feel the current of expensive electricity, the electricity bill is going to increase.