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Satna News (सतना समाचार) : सतना के सरकारी अस्पताल में अचानक इतने ज़्यादा कोरोना संक्रमित आ गए हैं, की सरकारी अस्पताल में बनाया गया कोविड केयर का आईसीयू फ़ुल हो चुका है। अब सीरियस मरीज़ों के लिए सर्जिकल वार्ड को भी खाली कराया गया है।

इसके साथ ही ट्रॉमा यूनिट में सिर्फ़ 4 बेड खाली बचें हैं। हॉस्पिटल के सीएस ने ऑक्सिजन की बढ़ती डिमांड को पूरा करने के लिए 76 बेड में माँगी है सेंट्रल ऑक्सिजन सपोर्ट प्रणाली।

जिला मुख्यालय समेत जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण के बढ़ते असर के बीच जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में संचालित डिस्ट्रिक्ट कोविड हेल्थ केयर सेंटर (Satna District Covid Health Care Center) का आईसीयू फुल हो चुका है।

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जिला अस्पताल की ट्रामा यूनिट में फर्स्ट फ्लोर पर स्थित 15 बेड का आईसीयू भर जाने पर मंगलवार को जिला अस्पताल प्रबंधन ने वैकल्पिक तौर पर महिला सर्जिकल वार्ड नंबर-5 को खाली करा लिया है। इसमें 2 अन्य बीमारियों के पेशेंट
थे।

इसी बीच ट्रामा यूनिट के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित कोविड केयर सेंटर में भी 11 में से महज 4 बेड खाली हैं। उधर, सिविल सर्जन डॉ. सुनील कारखुर ने एनएचएम के संभागीय कार्यपालन यंत्री को पत्र लिख कर अस्पताल के विभिन्न वाडों के 76 बेडों को सेंट्रल ऑक्सीजन से जोड़े जाने की डिमांड की है।

रीवा रेफर किए गए 2 संक्रमित

कोविड केयर सेंटर का आईसीयू फुल होने और ट्रामा यूनिट के ग्राउंड फ्लोर में सिर्फ 4 बेड बचने के दबाव के चलते मंगलवार को गंभीर रूप से संक्रमित कोरोना के 2 मरीजों को रीवा मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया।

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जिला अस्पताल के ट्रामा यूनिट के 2 फ्लोर में संचालित कोविड केयर सेंटर में कुल 35 बेड हैं। जिनमें से 31 बेड भरे हुए हैं। सभी बेड ऑक्सीजन सर्पोटेड हैं।

इन्हीं बिस्तरों में से 15 आईसीयू के लिए रिजर्व हैं। ट्रामा यूनिट के 1st फ़्लोर में आईसीयू के अलावा गैलरी में सेंट्रल ऑक्सीजन के साथ 9 बेड लगाए गए हैं। जबकि ग्राउंड फ्लोर में 2 अलग-अलग हॉल के एक हॉल में 5 बेड और दूसरे में 6 बेड को सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम से जोड़ा गया है।

सतना ज़िला अस्पताल कोविड केयर सेंटर फ़ैक्ट्स

ट्रॉमा यूनिट

  • 1st Floor में 15 बेड का आईसीयू
  • ट्रॉमा यूनिट की गैलरी में 9 बेड की सुविधा
  • ग्राउंड फ़्लोर में 2 हॉल में कुल 11 बेड की सुविधा
  • ट्रॉमा यूनिट में कुल बेड कि संख्या : 35
  • वर्तमान में भर्ती कोरोना संक्रमित मरीज़ : 31

अभी कहाँ चाहिए ऑक्सिजन

  • सर्जिकल वार्ड 1 में – 28 बेड के लिए
  • सर्जिकल वार्ड 2 में – 20 बेड के लिए
  • फ़ीमेल सर्जिकल वार्ड 5 में – 28 बेड के लिए
  • एनएएचएम से डिमांड – 76 बेड के लिए
  • ऑक्सिजन सपॉर्टेड बेड की संख्या – 51

रोज ख़प जाते हैं ऑक्सीजन के 35 जंबो सिलेंडर

कोरोना के संक्रमित मरीजों के उपचार पर प्रतिदिन 35 जंबो सिलेंडर खत्म हो जाते हैं। जानकारों ने बताया कि एक जंबो सिलेंडर में 20 क्यूबिक फीट ऑक्सीजन होती है। इसके अलावा आपातकाल के लिए 4 मध्यम दर्जे के ऑक्सीजन सिलेंडर भी हैं। ऐसे एक सिलेंडर में 7 क्यूबिक फीट ऑक्सीजन होती है।

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मौजूद समय में जिला अस्पताल में 50 बेड को सेंट्रल लाइन से जोड़ते हुए ऑक्सीजन सर्पोटेड बनाया गया है। सिविल सर्जन डॉ. सुनील कारखुर ने एनएचएम के संभागीय कार्यपालन यंत्री को पत्र लिख कर जिला अस्पताल के विभिन्न वार्डों के 76 बिस्तरों को ऑक्सीजन की सेंट्रल पाइप लाइन से जोड़ने की मांग की है। जिला अस्पताल के ओल्ड आईसीयू में 16 बेड पहले से ही ऑक्सीजन सपोर्टेड हैं।

Web Title : Satna government hospital full with corona patients – Satna News.

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