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Satna News (सतना समाचार) : कोलगवा थाना सतना की पुलिस की बर्बरता का एक वीडियो सोशल मीडिया में तेज़ी से वायरल हो गया है। वीडियो में साफ़ दिख रहा है कि पुलिस वाले एक युवक को घसीट-घसीट कर पीट रहे हैं। अपने कारनामों से बदनाम हो चुकी पुलिस की एक और करतूत की पूरी कहानी।

Satna police threatens encounters for not wearing masks – Satna News

जिस व्यक्ति को सतना के पुलिस कर्मी घसीट-घसीट कर मार रहे हैं और एनकाउंटर करने की धमकी दे रहे हैं। उसकी सिर्फ़ एक ग़लती है कि वह मास्क नही पहना था। हालाँकि वह पिछले चौराहे (सर्किट हाउस चौराहे में) जहाँ से आया था वहाँ पर उसका मास्क नही पहनने पर 100 रुपए का चालान काटा जा चुका था।

सतना पुलिस की करतूत की असली कहानी

3 मार्च को को सतना पुलिस ने बहुत ही कायराना पूर्वक एक युवक को घसीट कर मारा साथ ही एनकाउंटर करने की धमकी भी दी। जिसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो चुका है।

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पीड़ित का नाम संतोष कुशवाहा है। संतोष अपना एक प्रिंटिंग प्रेस चलाकर अपने परिवार की देखभाल करता है। 3 मार्च को रात के समय संतोष को अपने किसी निजी कार्य की वजह से कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित बाजार जाना पड़ा था।

वापस लौटते समय सर्किट हाउस चौराहे में पुलिस की चेकिंग लगी हुई थी, तो मास्क ना पहनने पर संतोष का 100 रुपए का चालान काटा गया, जिसकी पर्ची लेकर वह आगे बढ़ा। कुछ ही दूर पर अगले चौराहे में सतना की महान कारनामों वाली कोलगवाँ थाना पुलिस ने भी चेकिंग लगाई हुई थी।

यहाँ पर फिर से संतोष को मास्क ना पहनने पर दोबारा रोका गया। लेकिन जब उसने पुलिस को कुछ मिनट पहले काटे गए अपने चालान की पर्ची दिखाई और बताया कि वह यहाँ पर मेडिकल स्टोर से मास्क खरीदने के लिए रुका है। और उसका चालान पहले ही कट चुका है, लेकिन पुलिस वालों ने दोबारा चालान कटवाने के लिए उस पर दबाव बनाया।

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संतोष जब दोबारा चालान कटवाने पर आपत्ति करने लगा तो पुलिस वालों ने उसकी पिटाई की साथ ही उसे घसीट कर पुलिस की गाड़ी में बैठाने की कोशिश की। सतना के आदरणीय और महान पुलिस वाले यहीं नही रुके, उन्होंने पीड़ित के बाल पकड़ कर बीच सड़क में घसीटा। इसी बीच एक और महान पुलिसकर्मी आया और संतोष को धमकी देते हुए बोला कि चल आगे तेरा एनकाउंटर करता हूं।

क्या संतोष कुछ ग़लत किया था ?

संतोष का अपराध सिर्फ इतना था कि वह मास्क नहीं लगाया था। लेकिन कुछ मिनट पहले जब सर्किट हाउस चौराहे उसका 100 रुपए का चालान हो चुका था, तो पुलिस की ये करतूत सहन करने लायक़ नही है।

आगे चल कर पीड़ित मास्क खरीदने के लिए मेडिकल दुकान की तरफ़ जा रहा था, लेकिन दूसरे चौराहे के पास जैसे ही मास्क खरीदने के लिए वह मेडिकल स्टोर की तरफ़ जाने लगा तो उसके पास पुलिस पहुंच गई।

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वह बार-बार पुलिस वालों को अपना चालान दिखाता रहा लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसकी बात सुनने को राज़ी ही नही थे। उसके बाद सरेआम घसीट-घसीट कर उसको पीटा गया, यहां तक कि पुलिस वालों ने मास्क न लगाने पर एनकाउंटर कर देने की धमकी भी दी।

क्या है नियम

अगर किसी व्यक्ति का चालान कट जाता है, वह चालान उसी रात 12 बजे तक मान्य होता है। इस बीच उसको दूसरा चालान नही किया जा सकता है। लेकिन सतना की महान कारनामों वाली पुलिस ने इस नियम को ताक पर रख कर वसूली पर उतर आई है। असल में लगता है महाराष्ट्र कि तरह यहाँ भी वसूली गैंग काम कर रही है। जो ना तो नियम मानती, ना कुछ सुनती उसे सिर्फ़ पैसों से मतलब होता है।

पुलिस वालों के ख़िलाफ़ नही हुआ कोई ऐक्शन

आख़िर पुलिस वालों के ख़िलाफ़ क्यों अभी तक कोई ऐक्शन नही लिया गया। क्यों ऐसे पुलिस वालों को खुलेआम वसूली करने, लोगों को परेशान करने, ग़रीब जनता से उगाही करने के लिए खुली छूट दी गई है। इसका ज़िम्मेदार कौन है।

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क्या सतना के पुलिस हेड, कलेक्टर, विधायक, सांसद को कुछ दिखाई नही देता या फिर इन्हीं लोगों के लिए सतना पुलिस ग़रीब जनता को परेशान करके, डरा-धमका कर वसूली कर रही है। इसका जवाब कौन देगा?

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