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लोग अब बर्गर-नूडल्स के साथ-साथ कप, प्लेट और चम्मच खा सकेंगे, यह कोई अफ़वाह नही है, यह बिल्कुल सच है। आपको बता दें की दुनिया भर के वैज्ञानिक प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए कई रीसर्च कर रहे हैं। आज कल सबसे ज़्यादा प्लास्टिक का इस्तेमाल खाने-पीने की सामग्री पैक करने और परोसने में किया जाता है, जिससे पर्यावरण को बहुत नुक़सान होता है। इसीलिए वैज्ञानिक अब नए जुगाड़ में लगे हैं।

you can eat cup plates with burger noodle

दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती लोगों की स्वस्थ जीवनशैली को लेकर है, आज के समय में हद से ज़्यादा प्लास्टिक का उपयोग होने लगा है, जो स्वास्थ्य के साथ पर्यावरण के लिए भी बहुत नुक़सान दायक है। खाद्य उत्पादों और भोजन परोसने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला प्लास्टिक न केवल स्वास्थ्य के लिहाज से खराब है, बल्कि यह दुनिया भर में प्रदूषण भी बढ़ा रहा है, जितना प्लास्टिक हम सब इस्तेमाल करते हैं और फ़ेक देते हैं वो लौट कर हमारे भोजन-पानी में शामिल होता है और हमें बीमार करता है।

क्योंकि प्लास्टिक न तो जलता है और न ही कभी नष्ट होता है, अगर आप कहीं पर प्लास्टिक ज़मीन में दबा देंगे तो वो ज़मीन बंजर हो जाएगी। अगर इसे जलाया जाए तो इससे निकलने वाला धुंआ सेहत और पर्यावरण के लिए अच्छा नहीं होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए दुनिया भर में प्लास्टिक से निजात पाने के लिए वैज्ञानिक शोध किए जा रहे हैं। इसमें बड़ी संख्या में वैज्ञानिक सफल भी हुए हैं। इसी कड़ी में आज हम आपको कुछ रोचक जानकारी देने वाले हैं।

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वैज्ञानिक व बिजनेस मैन प्लास्टिक के विकल्प की तलाश कर रहे हैं। इन्हीं प्रयासों में भारत के ही हैदराबाद के नारायण पीसपति ने मोटे अनाज के आटे से खाने लायक़ चम्मच बनाया है, जिसे आपको खाना खाने के बाद थाली में छोड़ने की जरूरत नहीं है, बल्कि आप इस चम्मच को भी खा सकते हैं। मतलब, अब चम्मच भी भोजन का हिस्सा होने वाला है। है ना हैरान करने वाली बात।

इसी तरह का प्रयोग ब्रिटेन में भी हो रहा है, जहाँ पर एक स्टार्ट-अप कंपनी ने समुद्री शैवाल से पानी पीने का बरतन बनाया है, जिसे आप पानी पीने के बाद खा सकते हैं। ब्रिटेन के न्यूज़पेपर ‘द गार्जियन’ की ख़बर के अनुसार यह प्लास्टिक की वैश्विक समस्या का समाधान बन सकता है।

यदि स्टार्ट-अप कंपनी का यह प्रयोग सफल रहा तो आगे वाले कुछ समय में लोगों को प्लास्टिक के बोतल से निजात मिल जाएगी क्योंकि कई रिपोर्ट में इस बात का ख़ुलासा किया गया है कि बोतल बंद पानी में प्लास्टिक के सूक्ष्म कण पाए जाते हैं, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत नुक़सान दायक होते हैं। अगर कंपनी के प्रयोग में जो प्रोडक्ट बनाया जा रहा है, उसमें कोई हानिकारक तत्व नही मिलता है, तो इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा सकता है।

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ऐसे ही कई प्रयोग पूरी दुनिया में हो रहे हैं, ताकि प्लास्टिक से छुटकारा मिल सके। इसी तरह का एक प्रयोग ब्रिटेन की ही एक और कंपनी ने पिछले साल किया था, जिसमें समुद्री शैवाल से बर्गर या नूडल को पैक करने के लिए पैकेट बनाया गया था।

इसके अलावा न्यूयॉर्क की एक कंपनी ने भी बड़ा कमाल किया है, उसने ऐसा कप बनाया है, जिसे हम खा भी सकते हैं। इस कप को समुद्री घास व शैवाल को मिलाकर बनाया गया है। ऐसे ही पोलैंड की भी एक कंपनी ने गेहूं की भूसी से ऐसा प्लेट बनाने में सफलता पाई है, जिसे हम खा सकते हैं।

हम उम्मीद कर सकते हैं कि जिस तरह दुनिया भर में प्लास्टिक से छुटकारा पाने के लिए प्रयोग चल रह हैं, इससे उम्मीद की जा रही है की जल्द ही इस दुनिया से प्लास्टिक को हटाया जा सकता है और इसकी जगह कुछ ऐसे प्रोडक्ट आएँगे, जिन्हें हम खा भी सकते हैं। है, ना रोचक जानकारी।

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